सपनो के शहर मे
पंच्छी गगन की छांव
बस गया उसी डगर
खेल अपना दांव
लुट कर ले गया
हर किसी की छांव
दे गया हर हिस्से मे
कितने सारे घाव
बदल गया सारा शहर
पर रुका है मेरा गांव
कर रहे उसका इंतजार
लेकर अपनी ही नाव

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
सपनो के शहर मे
पंच्छी गगन की छांव
बस गया उसी डगर
खेल अपना दांव
लुट कर ले गया
हर किसी की छांव
दे गया हर हिस्से मे
कितने सारे घाव
बदल गया सारा शहर
पर रुका है मेरा गांव
कर रहे उसका इंतजार
लेकर अपनी ही नाव
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