उनसे जन्मों - जन्म का
रिश्ता है मेरा,
वो कन्हैया है मेरे,
मैं हूँ उनकी राधा।
मंत्रमुग्ध कर देती थी
कान्हा जी की बाॅंसुरी
जैसे राधा रानी को,
वैसे ही उनके शब्दों की गहराई
मोह लेती है मेरे मन को।
हर लफ़्ज़ में पूरी कायनात का
एक हिस्सा दिखता,
उनका हर एक लफ़्ज़
बस कोरा लफ़्ज़ ही नहीं होता।
उनकी एक एक साॅंस से
मेरी हर साॅंस चलती है,
उनके दिल की धड़कनों पर ही
मेरी धड़कने टिकी है।
उनके ही नक्श-ए-कदम पर
चलती मेरी ज़िंदगानी,
उनकी हर बात मेरे लिए
ख़ुदा की रज़ा होती है।
💕 रीना कुमारी प्रजापत 💕
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







