जब पहली बार मिलेंगे
वो माशूक और माशूका,
हवा घोल देगी फ़िज़ाओं में
प्यार की खुशबू।
महका देगी उनके प्यार को
रात-रानी की तरह,
इतरा-इतरा डोलती फिरेगी
किसी मजनूं की तरह।
चहुं ओर गाती फिरेगी गीत,
उनके मधुर मिलन के,
माशूका के पायल के घुंघरू से
छेड़ेगी सुर मोहब्बत के।
कभी उनके पास से गुजरेगी,
कभी छू कर देखेगी उन्हें,
ख़ामोशी से ठहर जाएगी,
कभी बड़ा बेचैन कर देगी उन्हें।
झूमेगी,गाएगी,फिर एक पल रुकेगी,
देखेगी उन्हें घोर से,
सोचेगी कर लूं मैं भी ऐसी ही मोहब्बत
किसी चितचोर से।
💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







