जो हो गया सो हो गया (नज़्म)
न वो तुम रहे, न वो मैं रहा
धीरे-धीरे वक्त भी खो गया
चलो यार अब आगे बढ़े
जो हो गया सो हो गया
वो जो मुझको आदत तेरी थी
वो धीरे-धीरे बदल गई
नये सिम्त तू भी निकल गया
नये सिम्त मैं भी निकल गया
चलो यार अब आगे बढ़े
जो हो गया सो हो गया
बदलती है रोज़ ज़रूरतें
नई रोज़ जगती हैं हसरतें
रोज़ नए रस्ते निकलती है
ज़ीस्त रोज़ बदलती है करवटें
नए ज़माने के साथ ही
वो पुराना वक्त भी ढल गया
चलो यार अब आगे बढ़े
जो हो गया सो हो गया
मुझे याद अब भी वो शाम है
जो तुम्हारे साथ गुज़ारी थी
वो एक पुरानी कहानी है
न हमारी थी, न तुम्हारी थी
वो जो एक ख़्वाब पुराना था
मेरे आंसुओं से वो जल गया
चलो यार अब आगे बढ़े
जो हो गया सो हो गया
वक्त धीरे-धीरे बदलता है
दिल टूट का फिर संभलता है
वो पुराने मायूस मोड़ से
नए रास्तों पर निकलता है
क्या भरोसा करना आवारा है
न मेरा रहा, अब न तुम्हारा है
वक्त बीता, दिल भी बदल गया
चलो यार अब आगे बढ़े
जो हो गया सो हो गया
हम पुरानी यादें संभालेंगे
जो कभी-कभी गुदगुदाएंगी
नया आज होगा, यहां कल नया
जब होगा एक-एक पल नया
अब पुराना बर्फ़ पिघला गया
चलो यार अब आगे बढ़े
जो हो गया सो हो गया।
अनमोल


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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