कभी गम में कभी खुशी
में और कभी यूं ही,
पलकों में आना और
बहना इनकी आदत है,
इनके आने की कभी
होती नहीं आहट है,
मुझको इन आंसुओं से
बस यही शिकायत है।
गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर
सर्वाधिक सुरक्षित रचनाकार
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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
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कभी गम में कभी खुशी
में और कभी यूं ही,
पलकों में आना और
बहना इनकी आदत है,
इनके आने की कभी
होती नहीं आहट है,
मुझको इन आंसुओं से
बस यही शिकायत है।
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