कभी गम में कभी खुशी
में और कभी यूं ही,
पलकों में आना और
बहना इनकी आदत है,
इनके आने की कभी
होती नहीं आहट है,
मुझको इन आंसुओं से
बस यही शिकायत है।
गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर
सर्वाधिक सुरक्षित रचनाकार

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
कभी गम में कभी खुशी
में और कभी यूं ही,
पलकों में आना और
बहना इनकी आदत है,
इनके आने की कभी
होती नहीं आहट है,
मुझको इन आंसुओं से
बस यही शिकायत है।
गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर
सर्वाधिक सुरक्षित रचनाकार
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम