साफ झलकता आँखों से है इश्क़, इज़हार नहीं करती,
दोस्तों से कहती है, उससे दोस्ती है प्यार नहीं करती।
मैंने एक रोज पूछ लिया, क्या कोई रिश्ता है हमारा?
बोली तुमने पूछा कब,पूछते तो मैं इनकार नहीं करती।
🖊️सुभाष कुमार यादव

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
साफ झलकता आँखों से है इश्क़, इज़हार नहीं करती,
दोस्तों से कहती है, उससे दोस्ती है प्यार नहीं करती।
मैंने एक रोज पूछ लिया, क्या कोई रिश्ता है हमारा?
बोली तुमने पूछा कब,पूछते तो मैं इनकार नहीं करती।
🖊️सुभाष कुमार यादव
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