इश्क़
खड़ा रहता हूं गलियों में रोज़ ,
दीदार-ए-इश्क के लिए ।
तरसता है दिल मेरा ,
तेरी एक झलक के लिए ।
नामुमकिन सा ख़्वाब है मेरा ,
तुम्हें पाने के लिए ।
रहेगी हर कोशिश पूरी ,
तुझको गले से लगाने के लिए....।।
-तुलसी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
इश्क़
खड़ा रहता हूं गलियों में रोज़ ,
दीदार-ए-इश्क के लिए ।
तरसता है दिल मेरा ,
तेरी एक झलक के लिए ।
नामुमकिन सा ख़्वाब है मेरा ,
तुम्हें पाने के लिए ।
रहेगी हर कोशिश पूरी ,
तुझको गले से लगाने के लिए....।।
-तुलसी
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