ऎसे मिलते हे की जुदा ही ना हो
दिल मानता नहीं की खफा ही ना हो
में समजता हूं उनकी हकीकतों को
इस तरह लिखते हे जैसे कुछ आता ना हो
जीस तरह जी बहलाते हे महफ़िल में
जाने मुजे कुछ समज में आता ना हो
के बी सोपारीवाला

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ऎसे मिलते हे की जुदा ही ना हो
दिल मानता नहीं की खफा ही ना हो
में समजता हूं उनकी हकीकतों को
इस तरह लिखते हे जैसे कुछ आता ना हो
जीस तरह जी बहलाते हे महफ़िल में
जाने मुजे कुछ समज में आता ना हो
के बी सोपारीवाला
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