ज्ञान न संस्था न मछवारा न ही शिक्षित के पास होता जंगल वो गांव बे जान होता है ।
हर जान में ज्ञान भी नहीं होता ख़ामोशी ज्ञान है सच्चे लोग ही ज्ञानी होता है
जंगल ,पहाड़ और समुंद्र की खूबियां इन्सानी दिमाग समझता है पर्यावरण वैज्ञानिक नहीं होता ।
वसी अहमद क़ादरी
वसी अहमद अंसारी
मुफक्किर ए कायनात
मुफक्किर ए मखलुकात


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







