हम नहीं झुकेंगे
हम नहीं रूकेंगे
हम हक अपना आज अभी लेकर रहेंगे
हम अक्साई चिन अपना लेकर रहेंगे
बन कर मेरा भाई
किया कर्म कसाई
जैसा
जैसा
को तैसा
आज करेंगे हम
नहीं डरेंगे हम
तोप तलवार निकालो
जवानों!प्रक्षेपास्त्र निकालो
जवानों! अस्त्र शस्त्र निकालो
देश द्रोहियों को बाहर निकालो
चालाक चीन चले चाल
हम हराएंगे हर हाल
हम भी चलेंगे चाल
लेकर करों में करवाल
चलो आज अभी प्रस्थान करो
चलो आज प्राप्त स्थान करो
खुद को प्रताप,शिवा,चौहान करो
खुद चलो वीरों का आह्वान करो
चलो बढ़ कर आगे बलिदान करो
खुद को वीर हनुमान करो
खुद को राम,श्याम,भगवान करो
खुद को आज अमृत संतान करो
भर कर आग आजादी की
लेकर मसाल आजादी की
तिरंगे को नमस्कार बार बार करो
खुद में शक्ति आज अपार भरो
आक्रमण शत्रु पर बार बार करो
बागी बलिया का सम्मान करो
बागी बलिया का नाम करो
बढ़ चढ़ कर वीरता के काम करो
अंबर से ऊंचा स्वाभिमान करो
और ऊंची उड़ान भरो
सारी अवनी अपने नाम करो।
गुदरी सिंह के टोला, पांडे पुर, बैरिया, बलिया, उत्तरप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







