"गौरवशाली बिहार"
मिथिला का अमर इतिहास दिया मैंने,
मां सीता जैसी पुत्री पाकर गौरवांवित हूं,
हां मैं एक सभ्य सुसज्जित पिता तुल्य बिहार हूं।
मंडन मिश्र का शास्त्रार्थ हूं , सुश्रुत ने दी सर्जरी का ज्ञान विश्व को।
बाल्मीकि का ज्ञान मैं ही, लव कुश का अभिमान हूं। हां मैं ज्ञानी अभिमन्यु ज्ञानदीप बिहार हूं।
महावीर को जन्म दिया मैंने, सिद्धार्थ भी यहां बौद्ध बन जाता है।
चाणक्य सा गुरु दिया हमने, आर्यभट्ट का महान ज्ञान हूं।
हां मैं गौरवशाली वैभवशाली बिहार हूं।
मगध सा राज्य ना हुआ कभी, महान अशोक सा अहिंसक दानी हूं।
हां मैं अद्भुत अतुलनीय बिहार हुं।
नालंदा की ज्ञान गंगा मुझसे ही निकली, हां मैं हमेशा लहराने वाला विक्रमशिला का ज्ञान पताका हूं। हेनसांग को दी जिसने पहचान।
हां मैं ही वह ज्ञान गंगा बिहार हूं।
दरभंगा महाराज का दान हूं मैं, कुंवर सिंह की वीर पुकार हूं।
देवकीनंदन खत्री का चंद्रकांता का तिलिस्म हूं मैं बाबा नागार्जुन का संसार हूं।
हां मैं गौरवशाली बिहार हूं।
गुरु गोविंद को जन्म दिया, सतनाम वाहेगुरु की मधुर आवाज हूं।
चंपारन से गांधी बने, पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की थाती हूं।
हां मैं वही अभूतपूर्व बिहार हूं।
राजकुमार शुक्ल की हिंदी हूं मैं, रमेश चंद्र झा जैसा चंपारण का शान हूं,
अनामिका की कहानी हूं , कविवर गोपाल सिंह नेपाली की ओजस्वी वाणी हूं मैं।
हां मैं कविवर, विद्वानों की भूमि, परंपराओं की भूमि बिहार हूं ।
जयप्रकाश की अमर क्रांति की ललकार हूं, जॉर्ज फर्नांडिस की आपातकाल के विरुद्ध हुंकार हूं।
हां मैं हर वक्त मुश्किलों में देश के, साथ खड़े होने वाला बिहार हूं।
कारगिल में भी खड़ा था, गलवान घाटी मैं दुश्मनों के सामने बनी हुई दीवार हूं।
हां मैं वही मजबूत वीर बिहार हूं।
हर साल बाढ़ में डूब जाता हूं मैं डूब कर भी ना झुकने वाला बिहार हूं।
अभी तो बस हमने ली है अंगराई , पूरी तरुणाई बाकी है।
गौरवशाली इतिहास तो रहा ही अपना, बस अब भविष्य को जीतने की लड़ाई है।
हां मैं ऐतिहासिक अभूतपूर्व अद्वितीय अनुपम गौरवशाली वैभवशाली बिहार हूं।
रचनाकार - पल्लवी श्रीवास्तव ममरखा, अरेराज, पूर्वी चम्पारण (बिहार)


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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