यह अमीरी ग़रीबी का गणित,
> हम को ना सिखाएं साहिब।
> अपनी रानी साथ निभा दे तो,
> हर शख्स सिकंदर होता है।
> जिस दिल में हो ख़ुलूस की दौलत,
> वो ख़ुद में ही ज़ेवर होता है साहिब।
> चलती है वहीं पे नेमतों की हवा,
> जहाँ दिल मुहब्बत का घर होता है।
> जिसने रिश्ते वक़्त पे थामे हो,
> वो इंसा ही बेहतर होता है साहिब।
> ख़ाली जेब सही, पर आँखों में
> सपनों का समंदर होता है।
> दौलत से कर लेते हैं सब फ़ाख़िर,
> किरदार ही सिकंदर होता है साहिब।
> वर्ना हर सोने का ताज यहाँ
> इक पल में माटी का घर होता है ।
> अब "छगन" ये समझ गया आखिर,
> किस चीज़ से असर होता है साहिब।
> चरित्र बचा ले इंसान अगर,
> फिर मनचाहा मंज़र होता है।
#छगन सिंह जेरठी
@Chhagan Singh Jerthi


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







