उस तरफ़ हैं तेरी वो रानाइयाँ
इस तरफ़ हैं मेरी ये अंगड़ाइयाँ
हो रही हैं इश्क़ में रुसवाइयाँ '
डस रही हैं हिज्र में तनहाइयाँ'
चाँदनी भी रास अब आती नहीं
और बढ़ती जा रही गहराइयाँ
भूल जाएं कैसे तेरी याद हम
चल रही हैं साथ जब परछाइयाँ
दूर तक कोई नज़र आता नहीं
याद आती हैं बहुत शहनाइयाँ
इश्क़ में सहने की आदत हो गई
कम नहीं होतीं मगर तन्हाइयां
'शाद' कैसे भूल जाएं अपने ग़म
इसमें शामिल हैं मेरी बेताबियां
डॉ फ़ौज़िया नसीम 'शाद'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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