कविता:स्वरों के जादूगर
दिनांक:20/05/2026
ये लम्हे प्यारे जो दिन है,गुजर जायेंगे लेकिन अफसाने हमको याद आयेंगे।
जो बीत गया पल हम उसे कैसे वापस लायेंगे।
तुम स्वरों के जादूगर बनकर कोई गीत अमर कर दो।
कोई गीत अमर कर दो थोड़ी प्रीत अमर कर दो।
जग में कितनी पीड़ा है दिल में कितना दर्द छुपा है।
अपनो से अपनो का समझो नाता खत्म हुआ है।
शब्दों के संग मिलकर स्वरों के जादूगर कोई गीत अमर कर दो।
बेचैनी होती है नफरत भरी हुई सबके दिल में
नफरत को मिटाने का कोई प्रेम गीत अमर कर दो।
सबके चेहरों पर मायूसी छाई है। तानों और कुछ बातों से रुसवाई आई है।
मेल मिलाप खत्म केवल बच रही जुदाई।
इस जीवन से अंतिम विदाई से पहले कोई गीत अमर कर दो।
सबके चेहरों पर रौनक आ जाए कोई ऐसा जादू कर दो।
हंसते हंसाते जीवन गुजरे कोई ऐसा गीत अमर कर दो।
सुख शांति हो जीवन में कोई गीत अमर कर दो।
तुम स्वरों के जादूगर हो समस्या को हल कर दो।
शब्दों के संग स्वर मिलाकर कोई प्रेम गीत अमर कर दो।
ये लम्हे प्यारे जो दिन है,गुजर जायेंगे लेकिन अफसाने हमको याद आयेंगे।
जो बीत गया पल हम उसे कैसे वापस लायेंगे।
सत्यवीर वैष्णव बारां राजस्थान 💞💞✒️💞💞


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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