गुलामी चाहे जिसकी भी हो,
गुलामी कहते हैं,
कोई तड़पता रहे,
उसे जिंदगी नहीं कहते हैं।
ये सब लोग एक सन्नाटे की तरफ है,
इनकी एक जगह खाली है,
इनके दिलों में झांक के देखा तो,
पता नहीं किसका कितना दर्द होगा,
मैं इनके दिल में उतर गया तो,
दम घुटने से मर जाऊंगा,
फिर मेरे दिल का क्या होगा।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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