एक ख्याल तुम्हारा जाता नहीं वज़ूद से।
जन्मदिन बहाना आता दोहरी उम्मीद से।।
बैठे-बैठे तन्हाई में मुस्कुराती रहती रोज।
कहना चाहती मगर पाला प़डा जिहाद से।।
कितनी देर कर दी फिर भी मिलना होगा।
अगर पलट कर आ भी जाते फ़रियाद से।।
तुम्हारी जगह झाड़ फूँक कर साफ करती।
हाथ फेरते-फेरते नींद आती गहरी याद से।।
ये दिल के रिश्ते को क्या नाम दूँ 'उपदेश'।
निभाने की चाहत और भी बढ़ती संवाद से।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







