तुम्हारा ओदा अगर तुम्हें पता होता।
प्यार से मिलकर दुआ सलाम होता।।
किराये पर रहने वाले भी कुछ कहते।
उनकी गुफ़्तगू में भी एक पैगाम होता।।
जिस मकान में गुजारे दिन-रात तुमने।
मेरी निगाह में बेशकीमती धाम होता।।
तुम्हारी गली में तुम्हीं से रोनक होती।
हर तरफ तुम्हारा चर्चा सरेआम होता।।
मकानों के किराये बढ़ने लगते 'उपदेश'।
नसीब वाले जुड़ जाते उनका नाम होता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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