इस दुनियां की भीड़में
अकेली मैं खड़ी
ताना मारने में अपने भी
न करें कमी...
गैरों की बात क्या करें
वो तो पराएं सभी
यहां बंधनों की भीड़में
तन्हाई बेहद भरी....
दुःख को हराने की
मैंने किए थी तैयारी
पता न था बेईमानी की
दर्दमें थी बादशाही...

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
इस दुनियां की भीड़में
अकेली मैं खड़ी
ताना मारने में अपने भी
न करें कमी...
गैरों की बात क्या करें
वो तो पराएं सभी
यहां बंधनों की भीड़में
तन्हाई बेहद भरी....
दुःख को हराने की
मैंने किए थी तैयारी
पता न था बेईमानी की
दर्दमें थी बादशाही...
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