घमंड न करना चीज़ की अधिकता पर जो किसी का नहीं
ज़िंदगी मिली है तो गमों को दफ़न करना होगा
गम को मालूम नहीं के उलझन किसे कहते हैं
दिल में लाया ही न जाए कि गम है क्या चीज़
उलझने साथ छोड़ देगी खुशियां तन्हा रह जायेगा
टाइम टू टाइम खुशियां मनाना भी अच्छा नहीं होता
किसी चीज़ की अधिकता बीमार होने की अलामत है
खुशी या गम दिल में रखने से दुश्मनों से हिफाज़त है
ख्वाहिश का इज़हार दूसरों से करना अमन खोना है
जो आपको मिला हरेक को नहीं मिला होगा याद रखना
आह वो नज़र ऐसी चीज़ है स्वस्थ की अस्वस्थ कर देता है
नज़र,आह दिखता नहीं खुदा वो शैतान भी नहीं दिखता
घमंड न करना चीज़ की अधिकता पर जो किसी का नहीं
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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