पुकारते किसे हो ?
कौन है जिन्हें तुम अपना समझते हो?
हमनें सुना है
जरूरत पड़ने पर लोग पहचानते नहीं हैं
फिर तुम पुकारते किसे हो ?
कौन हैं ??जो तुम्हें अपना कहते हैं
हमने तो सुना है
आजकल अपने अपनों को भी पहचानते नहीं हैं
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







