दरिया की परेशानी समझकर क्या करोगे।
तुम प्यास बुझाकर जाओ यहाँ क्या करोगे।।
प्यास छुपानी आ गई जिस जिस को यहाँ।
उसकी जिन्दगी में दर्द बताकर क्या करोगे।।
नींद को आँखो से बिछड़ने मत दो 'उपदेश'।
आनन्द ख्वाब के लो बताकर क्या करोगे।।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
दरिया की परेशानी समझकर क्या करोगे।
तुम प्यास बुझाकर जाओ यहाँ क्या करोगे।।
प्यास छुपानी आ गई जिस जिस को यहाँ।
उसकी जिन्दगी में दर्द बताकर क्या करोगे।।
नींद को आँखो से बिछड़ने मत दो 'उपदेश'।
आनन्द ख्वाब के लो बताकर क्या करोगे।।
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