मेरे मन में तमन्ना है
तेरी कदम में गमन करने
पर तन में कोई गमन नहीं
मेरे मन में सुमन की आवाज
कभी न रुकेगी
कभी न मिटेगी
तुम भोर की तारा हो
कभी न देख सकती
तुम शाम की तारा हो
कभी न मिल सकती
किसी को बदल न सकती ॥

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
मेरे मन में तमन्ना है
तेरी कदम में गमन करने
पर तन में कोई गमन नहीं
मेरे मन में सुमन की आवाज
कभी न रुकेगी
कभी न मिटेगी
तुम भोर की तारा हो
कभी न देख सकती
तुम शाम की तारा हो
कभी न मिल सकती
किसी को बदल न सकती ॥
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