पांव दो नावों में ,
नेताजी है लटके,
जनसेवा भाड़ में,
कुर्सी के लिए भटके !
राजनीति के रण में,
चले गैरों की शरण में,
आकाओं के चरण में,
माया ना राम पर्ण में !
----राजेश कुमार कौशल

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
पांव दो नावों में ,
नेताजी है लटके,
जनसेवा भाड़ में,
कुर्सी के लिए भटके !
राजनीति के रण में,
चले गैरों की शरण में,
आकाओं के चरण में,
माया ना राम पर्ण में !
----राजेश कुमार कौशल
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