कविता : मैं, मैं न रहा....
मैं जब जवान था
तब सब आते थे
आ कर घंटों बैठ खा
पी कर जाते थे
अब बूढ़ा हो गया न कोई
आता न जाता है
मैं किसी काम का नहीं शायद
ये सब को पता है
तभी तो करने
लगे लोग ऐसा
मैं भी तो न रहा
पहले जैसा
मैं भी तो न रहा
पहले जैसा.......
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







