बेवजह तारीफ लोग गर करने लगेंगे
समझ जाना तेरे हुनर ठिकाने से लगेंगे
खाक बनकर मिट्टी में मिल जायेंगे लेकिन
सूरत बदलकर एक नई दुनियां में चलेंगे
नाम तेरा ही लिए लब पर हुए कुर्बान
आप अगले जनम में फिर हमसे मिलेंगे
मुहब्बत का रुतबा बहुत ऊँचा माना गया है
पर वफ़ा के नाम पर वो सबको छलेंगे
रोशनी मिलती है दुनियां में किसी को
घर हमारे आपकी ही खातिर जलेंगे
नाम कर दी दास सारी कमाई वक्त के
ले खुदा का नाम बस दुनियां से चलेंगे


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







