तरस किसको आता एक तरफा चाहत में।
ख्वाब बिखर जाते है इश्क की इबादत में।।
आलमारी में आउट डेटिड ड्रेस छोड़ गया।
बदनसीब उँगलियाँ चाटता दिखा दावत में।।
महावर लगे कदमों से विदाई हुई लेकिन।
पहचान नही पाई मोहब्बत को सियासत में।।
सुने सुने कमरे में स्पर्श करती खुश होकर।
अपना होने को 'उपदेश' जज्बाती मुहूर्त में।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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