दिल बहलाने को रोज शराब अच्छी नही।
मुँह बनाने की तुम्हारी आदत अच्छी नही।।
कब से तुम्हारा इंतजार मेरी जुल्फें करती।
आकर देख अन्दर की आदत अच्छी नही।।
चार घर की दूरी भी तुमको ज्यादा लगती।
इस कदर बेकदरी की आदत अच्छी नही।।
सहेलियाँ नादान कहकर चिढाती मुझको।
कुछ कर 'उपदेश' नादाँ आदत अच्छी नही।।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







