Newहैशटैग ज़िन्दगी पुस्तक के बारे में updates यहाँ से जानें।


Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat


Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.



The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

Newहैशटैग ज़िन्दगी पुस्तक के बारे में updates यहाँ से जानें।

Newसभी पाठकों एवं रचनाकारों से विनम्र निवेदन है कि बागी बानी यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करते हुए
उनके बेबाक एवं शानदार गानों को अवश्य सुनें - आपको पसंद आएं तो लाइक,शेयर एवं कमेंट करें Channel Link यहाँ है

The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

बदनाम हो गये

जीनव का रस पीना,भूल गया था वो
हमने जरा पीना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये,

जुदाई में उसकी, वो जीना भूल गया था,
हमने जरा जीना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।

मय कहीं ,मयखाना कहीं, पैमाना कहीं था,
हमने जरा मिलना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।

तन्हाई के ज़ख्म तो रोज उभर आते थे,
हमने जरा सीना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।

मरने की राह पर वो बेसुध चल पड़ा था ,
हमने जरा रूकना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।।


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


समीक्षा छोड़ने के लिए कृपया पहले रजिस्टर या लॉगिन करें

रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (3)

+

रीना कुमारी प्रजापत said

Yahi hota hai sir ji ......bahut bdhiya heart touching lines 👍👌🙏sadar pranam aapko

कृष्णा शर्मा said

उसके इश्क़ में सरेआम हों बैठे
इतना चाहा उसे बदनाम हों बैठे...

बहुत खूबसूरत रचना 👏👏
सादर प्रणाम 🙏☺️

सरिता पाठक said

अति सुन्दर रचना हर पंक्ति लाजवाब ह्रदयस्पर्शी 👌भईया जी को सादर प्रणाम 🙏

कविताएं - शायरी - ग़ज़ल श्रेणी में अन्य रचनाऐं




लिखन्तु डॉट कॉम देगा आपको और आपकी रचनाओं को एक नया मुकाम - आप कविता, ग़ज़ल, शायरी, श्लोक, संस्कृत गीत, वास्तविक कहानियां, काल्पनिक कहानियां, कॉमिक्स, हाइकू कविता इत्यादि को हिंदी, संस्कृत, बांग्ला, उर्दू, इंग्लिश, सिंधी या अन्य किसी भाषा में भी likhantuofficial@gmail.com पर भेज सकते हैं।


लिखते रहिये, पढ़ते रहिये - लिखन्तु डॉट कॉम


LIKHANTU DOT COM © 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम
Designed, Developed, Maintained & Powered By HTTPS://LETSWRITE.IN
Verified by:
Verified by Scam Adviser
   
Support Our Investors ABOUT US Feedback & Business रचना भेजें रजिस्टर लॉगिन