जीनव का रस पीना,भूल गया था वो
हमने जरा पीना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये,
जुदाई में उसकी, वो जीना भूल गया था,
हमने जरा जीना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।
मय कहीं ,मयखाना कहीं, पैमाना कहीं था,
हमने जरा मिलना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।
तन्हाई के ज़ख्म तो रोज उभर आते थे,
हमने जरा सीना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।
मरने की राह पर वो बेसुध चल पड़ा था ,
हमने जरा रूकना सीखा दिया तो
बदनाम हो गये।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







