बदल जाती है जिन्दगी कभी यूं ही अनायास
मिल जाती है हर ख़ुशी कभी यूं ही अनायास
गुम हो गया था बरसों पहले कागज का पुर्जा
किताब में मिल जाता है कभी यूं ही अनायास
लोग जब बिन इरादे जाने के लिए निकलते हैं
मील का पत्थर आता है कभी यूं ही अनायास
एक दुश्मन जो मेरी जान का प्यासा था बहुत
गुलदस्ता ले घर आता है कभी यूं ही अनायास
गम खुशी दोनों ही दास हैं जिन्दगी के शहंशाह
वक्त फरमान ले आता है कभी यूं ही अनायास
मिलना और बिछड़ना हमारे हाथ में कहाँ भला
कोई पल मिला जाता है कभी यूँ ही अनायास


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







