मैने पूछा साहब से
यह देखते हो रोज़ क्या
देखना है देखिये
एक रोज़ कोई आइना
बोले साहब तमतमाकर
फूट गयी तेरी नजर
दिखता नहीं क्या हाथ मैं
कितना बड़ा है आइना?
मैने कहा जो हाथ मैं है आपके
वह है नहीं कोई आइना
झांको खुद में महसूस करो
यह दिल है तुम्हारा आइना
नजरो से देखा धोखा है
देखो तो सही जरा दिल से तुम
सच में खुद को पहचानोगे
तो बुरा लगेगा आइना
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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