तेज़ हवाओं में भी दीया मेरा जल रहा,
न जाने क्यों अँधेरों को
मेरा यूँ सँभलना खल रहा।
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
तेज़ हवाओं में भी दीया मेरा जल रहा,
न जाने क्यों अँधेरों को
मेरा यूँ सँभलना खल रहा।
वन्दना सूद
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