गुरु जी का स्थान भगवान जी से भी ऊँचा मानता है सारा जहान
अज्ञान का अंधेरा मिटाकर,गुरु जी भर देते हैं ज्ञान
सुमार्ग पर चलना सिखाते, नेक हमें इंसान बनाते
गुरु जी आप न होतें तो एक शब्द भी हम सीख न पाते।
आपके एहसानों से कलम हमारी चलती है
आपके वचनों पर कलम अमल करती है
माता-पिता जी जीवन देते हैं, आप विद्या धन देकर करते कल्याण
आप तीनों ही हैं जगत में सबसे महान
अंधेरा सर्वत्र फैला है
आप ही उजियार करते हैं
माता-पिता जी के जैसा आप भी स्नेह प्यार दुलार करते हैं
जीवन से रोड़े-कांटे हटाकर जीवन को जीवन बनाते हैं
गुरु जी हम आपके आगे शीश झुकाते हैं
आपको कोटि कोटि नमन और बारम्बार
प्रणाम करते हैं
गुरु जी, आपका आभार दिल से जताते हैं
आपके चरणों की धूल में हम अपनी दुनिया
पाते हैं
भटके हुए को आप सही राह दिखाते हैं
ज्ञान रूपी हीरे मोती हम सब पर लुटाते हैं
अनमोल शिक्षा देकर हम सभी का उत्थान करते हैं
भेद भाव नहीं करते सबको एक सम्मान शिक्षा देते हैं
इसीलिए, ईश्वर से भी बड़ा दर्जा पाते हैं।।
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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