Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat


Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.



The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

आप हैं तो

आप हैं तो एहसास है,
आप ही से मेरे जज़्बात है।
आपके बिना जीना नामुमकिन मेरा,
ये जानती हर मौसम की बयार है।

आप हैं तो बहार है,
आप ही से ज़िंदगी गुलज़ार है।
आपके बिना कोई वजूद नहीं मेरा,
आपसे ही मेरी पहचान है।

आप हैं तो कोई मुकाम है,
आप है तो संघर्ष भी खुशनुमा जहान है।
आपके बिना जीने की कल्पना भी कहाॅं,
आप है साथ तो दर्द भी मुझसे अनजान है।

💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


समीक्षा छोड़ने के लिए कृपया पहले रजिस्टर या लॉगिन करें

रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

+

Lekhram Yadav said

बहुत खूबसूरत रचना, दिल में किसी का एहसास लिए और उस एहसास को दिल में संजोकर लिखी गई एक खूबसूरत रचना, आपको सादर नमस्कार।

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

शुक्रिया🙏प्रणाम

सुप्रिया साहू said

वाह वाह, बहुत खूबसूरत लाज़वाब बेमिसाल रचना दीदू 👌👌, प्यार से सराबोर कविताओं से रस टपकती हुई हृदयस्पर्शी रचना, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏🙏।

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

शुक्रिया आपका🙏प्रणाम

तुलसी पटेल said

👏🏻👏🏻🙏🏻🙂‍↕️

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

🙏🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

आप साथ हैं तो दर्द भी मुझसे अनजान है। वाह!! अतिसुंदर पंक्ति। प्रेम में समर्पण का वो अनमोल भाव जो सिर्फ और सिर्फ अपनी सांसों से, अपनी आहटों से, अपनी इंद्रियों से अपने चाहत को ही महसूस करना चाहते हों।गजब 👌👌👌👌👌🙏 सादर प्रणाम 🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

बहुत बहुत धन्यवाद आपका🙏🙏आपको भी सादर प्रणाम 🙏

वन्दना सूद said

बहुत खूब लिखा 👌👌👏👏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

🙏thank you ji

कविताएं - शायरी - ग़ज़ल श्रेणी में अन्य रचनाऐं




लिखन्तु डॉट कॉम देगा आपको और आपकी रचनाओं को एक नया मुकाम - आप कविता, ग़ज़ल, शायरी, श्लोक, संस्कृत गीत, वास्तविक कहानियां, काल्पनिक कहानियां, कॉमिक्स, हाइकू कविता इत्यादि को हिंदी, संस्कृत, बांग्ला, उर्दू, इंग्लिश, सिंधी या अन्य किसी भाषा में भी likhantuofficial@gmail.com पर भेज सकते हैं।


लिखते रहिये, पढ़ते रहिये - लिखन्तु डॉट कॉम


LIKHANTU DOT COM © 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम
Designed, Developed, Maintained & Powered By HTTPS://LETSWRITE.IN
Verified by:
Verified by Scam Adviser
   
Support Our Investors ABOUT US Feedback & Business रचना भेजें रजिस्टर लॉगिन