आज किस तरह से,
आँख में आँसू आए।
मैं समझ गया,
मगर लोग समझ न पाए।
तुम कह रहे थे,
फिर कैसे भूल गए।
बात पुरानी 'उपदेश',
उसी बात पर रोना आए।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
आज किस तरह से,
आँख में आँसू आए।
मैं समझ गया,
मगर लोग समझ न पाए।
तुम कह रहे थे,
फिर कैसे भूल गए।
बात पुरानी 'उपदेश',
उसी बात पर रोना आए।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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