सारा जहाँ झूमे वहाँ,
मस्ती मिले रहूँ तहाँ,
रंगों से लोटपोट हो जाएँ,
पास आओ ऐसे हम खो जाएँ ,
देखें जमाना हमको कभी ,
खोए रहे देख छूटे हँसी ,
डोले हम ई मन डोले कहीं,
आई रे होली ,बन के हमजोली ।
रहे नशे में दिल होवे ठिठोली ।।
खुशियों भरा ये मौसम है जो ,
आओ मिटाए ये ग़म है जो ,
जो भी कसक है रंग में धुले ,
ऐसे मिले न हो कोई गिले ,
उड़े गुलाल आसमां हो लाल ,
मस्ताना रहे हम दीवाना रहे ,
आई रे होली ,बन के हमजोली ।
रहे नशे में दिल होवे ठिठोली ।।
मिल जाए हम एक दूजे के साथ ,
छोड़े मायूसी रख के हाथों में हाथ ,
भूल जाए बैर सारे जो किए जमाने में ,
तोड़े हम चुप्पी सारी लिखे अफसाने में ,
आई रे होली ,बन के हमजोली ।
रहे नशे में दिल होवे ठिठोली ।।
मनोज कुमार यकता


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







