26 जनवरी हमारा गणतंत्र दिवस हमारे देश भारत के मान सम्मान और गौरव की याद दिलाता है गणतंत्र दिवस को मनाने का उद्देश्य केवल देशवासियों में देशभक्ति की भावना जगाना नहीं है, बल्कि देश के नागरिको,को उनके कर्तव्य की याद दिलाना भी है ,आज से लगभग 77 वर्ष पूर्व आज ही के दिन 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था वैसे तो हमारा देश 15 अगस्त सन 1947 को ही आजाद हो गया था लेकिन सही अर्थों में हमें आजादी 26 जनवरी 1950 को ही मिली ,जिस दिन भारत को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में बने संविधान की प्राप्ति हुई !
गणतंत्र दिवस को मात्र झंडा रोहण और परेड देखने के दिन के रूप में नहीं लेना चाहिए बल्कि यह दिवस हमें याद दिलाता है कि हम यह आजादी हमारी स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के बलिदान से प्राप्त हुई है ! जिसकी वजह से आज हम खुली हवा में सांस ले सकते हैं अपने देश में स्वाभिमान के साथ रह सकते हैं!
"बीत जाता है हमारा हर पल खुशियों के दीए जलाने में ,
ना ,जाने कितने दीपक बुझ गए होंगे हमें यह रोशनी दिलाने में ,"
अनेकता में एकता की मिसाल वाले हमारे भारत देश में भारत का संविधान भारत के प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार देता है कि वह बिना किसी भेदभाव के चाहे वह किसी जाति धर्म या संप्रदाय का हो समानता के साथ रह सकता है साथी हमारा संविधान यह सुनिश्चित करता है कि देश के प्रतीक नागरिक की आवाज सुनी जाए, वह उसके अधिकारों की रक्षा हो,
हम एक सशक्त विकसित राष्ट्र का निर्माण तभी कर सकते हैं, जब भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्य को ईमानदारी के साथ निभाए ! विद्यार्थी ईमानदारी से अध्ययन करें। और देश के नेता ईमानदारी के साथ देश की जनता की के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
आईए ,हम और आप सभी मिलकर अखंड भारत , सशक्त भारत ,विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में कदम से कदम मिलाकर चलें और स्वतंत्रता सेनानियों की सपनों के भारत का निर्माण करें ।
"आओ मिलकर हम सब साथ चले देश
की प्रगति की मसाल बने !
अकेली रहे तो भटकती हैं साथ चले तो मंजिले भी पास बुलाती हैं"
अपने इन्हीं शब्दों के साथ मै आप सबको गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देती हूं ।
जय हिंद, जय भारत
✍️ अर्पिता पांडेय


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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