जीवन एक खेल का मैदान है इस खेल के मैदान में बाकी खिलाड़ी अर्थात (मनुष्य) केवल हमे उस खेल में हराना चाहते है जिसमें वह कई वर्षों से खड़े है केवल न तो वह आगे बढ़ रहे है न किसी को बढ़ने दे रहे है जब खेल को कोई समाप्त करने का प्रयास करता है उसी समय उस व्यक्ति को दोषी ठहराया जाता है और समाज नाम से डराया जाता है
समाज क्या होता है जिसे आज तक न तो आपने देखा है न ही मैंने क्या है ये समाज और समाज के लोग कौन होते है ये लोग जो जिन हराम कर के रखा इनके वजह से हम आगे बढ़ नहीं पाते है जब कोई भूखा सो रहा ,कोई अस्पताल में बिना पेसो के इलाज के पड़े है ,किसी को व्यापार करने पेसो की आवश्यकता होती है तब समाज के ये लोग कहा जाते है और इनके नियम कानून तब तो कोई समाज सहायता करने आगे नहीं आता है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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