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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

आंसू की भाषा

आँसू सिर्फ पानी नहीं है,
ये दिल की सच्ची भाषा है।
जब शब्द नहीं मिलते
दिल की बात कहने को,
तब आँसू बोलते हैं।
कभी चुपके से पलकों पर आकर
ख़ामोशी से बह जाते हैं,
कभी दिल में उमड़े तूफ़ान को
एक पल में उजागर कर जाते हैं ये आँसू।
ये गवाह होते हैं
अनकहे दर्द के,
टूटे सपनों के,
और उस भरोसे के,
जो समय की ठोकरों से बिखर गया।
आँसू कमजोरी नहीं,
बल्कि एक संवेदना का प्रमाण हैं,
जो अब भी ज़िंदा है
पत्थर होते जा रहे
इस निष्ठुर संसार में।
कभी माँ की ममता में ढलते हैं ये आँसू,
कभी प्रेम की पीड़ा बनकर निकलते हैं ये आँसू।
कभी अपनों की बेरुख़ी से जन्म लेते हैं ये आँसू,
तो कभी अपनों की याद में बहते हैं ये आँसू।
आँसू कह जाते हैं
वह सब
जो कभी हम नहीं कह पाते।
इसलिए शायद रो लेने के बाद
मन हल्का हो जाता है,
क्योंकि आँसू सिर्फ बहते नहीं,
बल्कि दर्द को धोकर
आत्मा को संभलने की ताक़त देते हैं।
काश कोई समझ पाता
आँसू की भाषा।
— सरिता पाठक


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

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मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

वास्तव में आंसू तन की भाषा नहीं है बल्कि मन की भाषा है जिसे देखकर देखने वाले मन की सारी भावनाओं को पढ़ लेते हैं। सरिता बहन मैने आंसू पर 102 स्वतंत्र छंद लिखें है। जो प्रेस में है, जल्दी ही प्रकाशित होने वाली है। इन्हीं में से तीन छंदों को इस पटल पर साझा किया है जिस आप लोगों ने पढ़ा भी है। आपकी इस रचना में भी आंसू की बहुत सारी भावनाओं को महसूस कराया गया है। आपने खूबसूरत शब्दों में आंसू की भाषा को बताया है। सुंदर कविता के लिए मेरी प्यारी बहना को सुबह सुबह की सुनहरी बधाई बधाई 👌🙏🙏 वाह! वाह! वाह!🙏🙏🙏🙏

सुप्रिया साहू said

आँसू सिर्फ बहते नहीं,
बल्कि दर्द को धोकर
आत्मा को संभलने की ताक़त देते हैं...।।
बिल्कुल सही कहा आपने, हम अपना दर्द किसी को बता नहीं सकते इसलिए हमारे दर्द आंखों से आंसु बनकर बह जाती है और जब वह जाती है तब सुकून महसूस होता है, बहुत सुंदर रचना मैम 👌👌, हृदयस्पर्शी, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

श्रेयसी said

सच्चाई बयां करती रचना बहुत ख़ूब बहुत सुंदर 🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत said

Waah didi heart touching...sahi kaha aapne kash koi samjh pata aansu ki paribhasha...samjhne wala hi smjhta hai di ye hunar har kisi mein nhi hota hai

वन्दना सूद said

ज़िन्दगी को आसुओं के ज़रिए बहुत सुंदरता से बयान किया

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