हे शारदे मां , हे शारदे मां ,
अज्ञानता से हमें तार दे मां ।
तूं स्वर की देवी , है संगीत तुमसे,
भारत की तस्वीर, कवि गीत तुमसे।
जननी जन्मभूमि पूजा करूं नित,
भक्ति उन्हीं की ही वरदान दे मां।।1।।
तूं श्वेतवर्णा कमल पर विराजे ,
वीणा व पुस्तक, मु्कुट शिरपे साजे।
फिर धर्म -हिन्दू "सनातन" जगत में
गूंजे धरा पर ये सम्मान दे मां।।2।।
तप त्याग साधन से जीवन सवारूं,
परिवर्तन पांचों ही जीवन में दारू।
यशगान तेरा ही गाता रहूं नित ,
चरणों में अपनें तूं स्थान दें मां ।।3।।
हे शारदे मां , हे शारदे मां ,
अज्ञानता से हमें तार दे मां ।
रमेश चौबे
बोरीवली


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







