आँख में आँसू
किसी भी भाव से क्यों न आएँ हों
पर उसकी क़ीमत
वक़्त ही तय करता है !!
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
आँख में आँसू
किसी भी भाव से क्यों न आएँ हों
पर उसकी क़ीमत
वक़्त ही तय करता है !!
वन्दना सूद
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम