नाम: आदित्य शेखर 'अनुगूँज'
कलम नाम: अनुगूँज
जन्म तिथि: 14 अगस्त 1992
राष्ट्रीयता: भारतीय
पता:
गृह संख्या 42, शांति विहार कॉलोनी,
राजेंद्र नगर, भोपाल – 462001,
मध्य प्रदेश, भारत
शैक्षणिक योग्यता:
एम.ए. (हिन्दी साहित्य), बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल
बी.ए. (हिन्दी, इतिहास एवं राजनीति विज्ञान)
कम्प्यूटर अनुप्रयोग में डिप्लोमा
व्यवसाय: स्वतंत्र लेखक, कवि एवं साहित्यिक ब्लॉगर
परिचय
आदित्य शेखर 'अनुगूँज' समकालीन हिन्दी साहित्य के युवा रचनाकार हैं, जो कविता, गीत, ग़ज़ल, मुक्तक, लघुकथा एवं वैचारिक लेखन के माध्यम से अपनी साहित्यिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करते हैं। उनकी रचनाओं में जीवन के विविध आयाम—प्रेम, प्रकृति, मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रभावना तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का सहज एवं प्रभावशाली चित्रण मिलता है।
वे साहित्य को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना, मानवीय मूल्यों और रचनात्मक परिवर्तन का सशक्त साधन मानते हैं। उनकी लेखन-शैली सरल, प्रवाहपूर्ण तथा भावप्रधान है, जो पाठकों के मन-मस्तिष्क पर गहरी छाप छोड़ती है।
निरंतर अध्ययन, चिंतन और सृजनशील लेखन उनकी साहित्यिक यात्रा के प्रमुख आधार हैं। साहित्य के प्रति उनकी निष्ठा और सामाजिक विषयों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण उनकी रचनाओं को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।
लेखन विधाएँ
कविता
गीत
ग़ज़ल
मुक्तक
लघुकथा
प्रेरणात्मक लेख
सामाजिक एवं समसामयिक लेख
प्रमुख लेखन विषय
प्रकृति एवं पर्यावरण
सामाजिक चेतना
राष्ट्रप्रेम
भारतीय संस्कृति
शिक्षा एवं युवा
प्रेरणात्मक साहित्य
मानवीय संबंध
जीवन-दर्शन
कार्य अनुभव
वर्ष 2020 से स्वतंत्र लेखक एवं कंटेंट राइटर के रूप में सक्रिय हैं। विभिन्न साहित्यिक एवं डिजिटल मंचों के लिए कविता, लेख, ग़ज़ल, प्रेरक लेख तथा समसामयिक विषयों पर नियमित लेखन करते हैं। हिन्दी भाषा के संवर्धन एवं साहित्यिक सृजन को समर्पित रहते हुए नवोदित लेखकों के लिए भाषा-संपादन एवं लेखन मार्गदर्शन में भी सहयोग प्रदान करते हैं।
रुचियाँ
पुस्तक पठन
प्रकृति भ्रमण
डायरी लेखन
भारतीय लोकसंगीत सुनना
वृक्षारोपण
फोटोग्राफी
भारतीय संस्कृति एवं लोकजीवन का अध्ययन
उपलब्धियाँ
हिन्दी साहित्य एवं रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में सतत सक्रिय।
विभिन्न साहित्यिक मंचों पर कविताएँ, लेख एवं ग़ज़लें प्रकाशित।
अनेक साहित्यिक गोष्ठियों एवं ऑनलाइन काव्य-पाठ कार्यक्रमों में सहभागिता।
सामाजिक एवं साहित्यिक विषयों पर नियमित लेखन।
भाषाएँ
हिन्दी (मातृभाषा)
अंग्रेज़ी (कार्यसाधक ज्ञान)
जीवन-दृष्टि
"शब्द तभी सार्थक होते हैं, जब वे किसी के विचारों में प्रकाश और किसी के जीवन में आशा का संचार करें।"


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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