जिदंगी मे मिले मुझे ना जाने कितने ही गम
गैरो ने नही, मेरे अपनो ने ही दिए मुझे ज़ख्म
तन्हाईयो मे रोकर मानो मैने पहना दिए हो इन्हे कफन
छुपाकर सबसे कर लिया इन गमो को सीने मे ही कहीं दफन।
-राशिका

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
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जिदंगी मे मिले मुझे ना जाने कितने ही गम
गैरो ने नही, मेरे अपनो ने ही दिए मुझे ज़ख्म
तन्हाईयो मे रोकर मानो मैने पहना दिए हो इन्हे कफन
छुपाकर सबसे कर लिया इन गमो को सीने मे ही कहीं दफन।
-राशिका
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