ऐ ज़िन्दगी तुझे ख़ोकर ही
ज़िन्दगी समझी
गुज़रते वक़्त के
लम्हों की
अहमियत समझी
जो आज है,
वही बस आज है अपना
कहाँ किसी ने
इस बात की
अहमियत समझी ।
डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ऐ ज़िन्दगी तुझे ख़ोकर ही
ज़िन्दगी समझी
गुज़रते वक़्त के
लम्हों की
अहमियत समझी
जो आज है,
वही बस आज है अपना
कहाँ किसी ने
इस बात की
अहमियत समझी ।
डाॅ फौज़िया नसीम शाद
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