वर्दी के रेशे रेशे में, खुशबू हिंदूस्तान का
रग रग में भूचाल भरा ,मां भारती के मान का
मातृभूमि की रक्षा, का कवच लिए जो छाती पर,
शूरवीर योद्धा रक्षक ये देश के अरमान का।।1।।
इनको शीश झूका करके हर शीश धन्य हो जातें हैं
दर्शन करके आंखों की दृष्टि धन्य हो जातें हैं
शब्दों की सीमा के आगे , इनका गौरवगान है
कर करके सम्मान इन्हें सम्मान अनन्य हो जातें हैं।।2।।
इनकी भुजा में अमर तिरंगा लहर लहर लहराता है
हरियाली और त्याग शांति का भाव अमर हो जाता है
इन भावों की रक्षा करना इनकी अटल प्रतिज्ञा है
तीन रंगों में लिपटके योद्धा सीमा से घर आता है।।3।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







