तुम्हें जो पसंद है,
उससे प्रेम करो,
उसके बारे में सोचो,
उसको काम का हिस्सा बनाओ,
उसे हर हिस्से से जानो,
उसे ही दिन रात में बदल दो,
फिर पूरी दुनिया,
उससे नफरत करेगी,
वो पसंद तुम्हारी है,
फिर तुम्हारी ही रहेगी,
फिर उसके आने से बदलोगे,
फिर आगे बढ़ोगे,
ये ही परिवर्तन।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







