तुम्हारे सिवा कुछ नही सूझता।
तुमको ही अपने भीतर खोजता।।
तरह-तरह की कल्पनाएँ रचता।
हर पल तुम्हें ही महसूस करता।।
संसार समाहित है तुम्हारे भीतर।
तुमसे उत्पति की कामना करता।।
ईश्वर की तरह जबसे अदृष्य तुम।
बिना तुम्हारे जीवन व्यर्थ करता।।
प्रेम के वशीभूत 'उपदेश' अँधा सा।
ख्वाब में तुम्हें स्पर्श करना चाहता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







