साथ हर किसी का
साथ हर किसी का हम निभा नहीं सकते
मजबूरियां हैं क्या ये तुम्हें बता नहीं सकते
जिस राह पर चल कर हम हो गए बदनाम
उस राह पर फिर लौट कर जा नहीं सकते
जिन्दगी की चाह में सब कुछ लुटा दिया
क्या-क्या लुटाया हमने
ये बता नहीं सकते
मिलता जो तेरा साथ मिल जाती हर खुशी
क्यों हो गए नाकाम हम बता नहीं सकते
कहना भी कुछ तुमसे अच्छा नहीं अब तो
ऐसे रिश्तों का बोझ अब उठा नहीं सकते
ये एक तरफा प्यार कभी होता नहीं सफल
जो कीमत चुकाई हमने
ये बता नहीं सकते
अच्छा तो था हम को ये प्यार ना होता
यादव जिन्दगी ऐसे क्यूं
बिता नहीं सकते
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







