तुम इतनी खास हो गई कि फिक्र रहती।
जैसे मछली को पानी की प्यास रहती।।
वक़्त बेवक्त तुम्हारी याद मे नाम आता।
तुम कितनी 'उपदेश' नाम के पास रहती।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
Ghaziabad

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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तुम इतनी खास हो गई कि फिक्र रहती।
जैसे मछली को पानी की प्यास रहती।।
वक़्त बेवक्त तुम्हारी याद मे नाम आता।
तुम कितनी 'उपदेश' नाम के पास रहती।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
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