तेरी याद आने लगी
जब धड़कने लगा दिल तो हमें तेरी याद आने लगी
फिर से वो खूबसूरत यादें मेरे दिल पर छाने लगी
वो मंजर जो कभी देखा था, हमने अपने ख्वाबों में
बरबस ही तेरी सूरत इन आंखों में फिर छाने लगी
इत्तफाक था मेरा गुजरना और तेरा
खिड़की पे बैठना
तुम्हारी, मासूम सी सूरत, फिर से मुझे लुभाने लगी
तुम्हारी वो खामोश निगाहें करती थी बहुत सी बातें
ना जाने क्यूं वही बातें मुझे फिर से याद आने लगी
मोहब्बत है क्या ये भी अब तक था मालूम हमें कहां
जबसे देखा है तुझे वो यादें इस दिल पर छाने लगी
अपने प्यार का तुम से कैसे इजहार करूं मालूम नहीं
मगर रोज धड़कन ये दिल की, हमें यही बताने लगी
करार आता नहीं इस दिल को अब कहीं भी यादव
अब तो हर पल तुम्हारी यादें, यूंही हमें सताने लगी
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







