तेरे आने से रौशन हुई है,
अपने घर की दरो-दीवारों सनम !!
तेरी रहमत से मिलती है मुझको,
हर दुआ में नई इक बहारों सनम !!
तेरे सजदे में झुकी हर तमन्ना मेरी,
दिल ने सीखी है चाहतें तेरी !!
नाम तेरा जपा जब से दिल ने,
छोड़ दी हमने दुनिया की दोस्ती सारी !!
तेरी आँखों में करम है जैसे,
हर सदी को मिला इक मरहम है !!
इश्क़ तेरा मिला जबसे मुझको,
ख़ुद को पाया सनम मैंने खुद को !!
तुम अगर पास हो तो सब कुछ है,
वरना जीना भी इक तन्हाई हो !!
तू ही मंज़िल मेरी रहबर है तू ,
तू ही खुशियाँ हो मेरी सारी !!
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







